दर्द लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
दर्द लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 15 अगस्त 2011

दांत दर्द के लिए कारगर उपचार

10 ग्राम बायविडंग और 10 ग्राम सफेद फिटकरी थोड़ी कूटकर तीन किलो पानी में उबालें। एक किलो बचा रहने पर छानकर बोतल में भरकर रख लें। तेज दर्द में सुबह तथा रात को इस पानी से कुल्ला करने से दो दिन में ही आराम आ जाता है। कुछ अधिक दिन कुल्ला करने से दाँत पत्थर की तरह मजबूत हो जाते हैं। अमरूद के पत्ते के काढ़े से कुल्ला करने से दांत और दाढ़ की भयानक टीस और दर्द दूर हो जाता है। प्रायः दाढ़ में कीड़ा लगने पर असहय दर्द उठता है। काढ़ा तैयार करने के लिए पतीले में पानी डालकर उसमें अंदाज से अमरूद के पत्ते डालकर इतना उबालें कि पत्तों का सारा रस उस पानी में मिल जाए और वह पानी उबाले हुए दूध की तरह गाढ़ा हो जाए। दांत-दाढ़ दर्द में अदरक का टुकड़ा कुचलकर दर्द वाले दांत के खोखले भाग में रखकर मुंह बंद कर लें और धीरे-धीरे रस चूसते रहें। फौरन राहत महसूस होगी।

जब एड़ी का दर्द सताए

किसी ऊंची जगह पर बैठकर लटकाकर पैरों के पंजों को गोल-गोल कई बार घुमाएं।
पैरों की उंगलियों पहले तो अपनी तरफ खीचें फिर बाहर की तरफ खीचें।
एक्यूप्रेशर विधि से भी एड़ी में खून का दौरा बढ़ने से दर्द में राहत मिलती है।
रोज दिन में कई बार गर्म पानी से एड़ी की सिकाई करें।
एड़ी में दर्द निवारक मरहम लगाएं।
पंजों और एड़ी के जोड़ों तथा मांसपेशियों की कसरत करनी चाहिए।
अगर एड़ी में चोट लग जाती है तो इस अवस्था में एड़ी की दस मिनट तक बर्फ से मालिश करनी चाहिए।
रोज नमक के गर्म पानी में पैर चलाने की क्रिया करें।
एड़ी के दर्द के रोगी को इस रोग से छुटकारा पाने के लिए पौष्टिक आहार लेना चाहिए।
रोगी को वसा रहित आहार लेना चाहिए।
ज्यादा तले-भुने खाद्य पदार्थ रोगी को नहीं खाने चाहिए।
रोगी को ज्यादा मीठे तले खाद्य पदार्थ भी नहीं खाने चाहिए।